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उत्तर प्रदेश
यूपी में कमलनाथ की जमीन हड़पने की साजिश, फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
nidhi
4 Oct 2026 9:04 AM IST

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विरासत दर्ज कराने की फाइल पांच महीने तक अटकी
बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पिता की जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की कोशिश का मामला सामने आया है। नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव में उनके पिता स्वर्गीय महेंद्रनाथ के नाम जमीन दर्ज है। कमलनाथ की ओर से विरासत दर्ज कराने के लिए आवेदन करने के बाद दस्तावेजों की पड़ताल में कथित फर्जीवाड़े का मामला खुला।
कमलनाथ ने 18 मई 2026 को नजीबाबाद तहसीलदार न्यायालय में पिता की जमीन पर उत्तराधिकार के आधार पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। प्रक्रिया के दौरान संबंधित जमीन को विवादित बताया गया। इसके बाद जानकारी सामने आई कि जमीन के एक हिस्से को लेकर पहले से दूसरा दावा किया गया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार कमलनाथ के पिता के नाम अमीखानपुर गांव में करीब 90 बीघा जमीन बताई गई है। विवाद करीब 26 बीघा हिस्से से जुड़ा है। आरोप है कि इस जमीन पर अधिकार जताने के लिए कथित तौर पर फर्जी वसीयत और महेंद्रनाथ का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र पेश किया गया।
सबसे गंभीर आरोप मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर है। FIR में दावा किया गया है कि महेंद्रनाथ के नाम ऐसा मृत्यु प्रमाणपत्र रिकॉर्ड में लगाया गया, जिसकी तारीख उनकी वास्तविक मृत्यु से पहले की थी। इसी के साथ एक अपंजीकृत वसीयत को भी कथित रूप से उनके नाम से तैयार कर जमीन पर दावा पेश किए जाने का आरोप है। कमलनाथ की शिकायत के बाद नजीबाबाद थाने में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। राजस्व विभाग से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
मामले में विरासत दर्ज कराने के आवेदन की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आई है। आवेदन मई में दिए जाने के बावजूद मामला कई महीने तक आगे नहीं बढ़ने और जमीन को विवादित बताए जाने के बाद कथित फर्जी दस्तावेजों की जानकारी सामने आई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज किसने तैयार किए और उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में किस तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि क्या इस कथित फर्जीवाड़े में और लोग शामिल थे। पुलिस जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, वसीयत, मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
फिलहाल कमलनाथ की पैतृक जमीन से जुड़ा यह मामला दस्तावेजी फर्जीवाड़े और जमीन पर कथित अवैध दावा करने के आरोपों के कारण चर्चा में है। दो गिरफ्तारियों के बाद जांच आगे बढ़ रही है और बाकी आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जमीन पर दावा करने की पूरी योजना कैसे तैयार की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
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